108 Names of Lakshmi
In Hindu mythology, the goddess Lakshmi has 108 names. The following is a list of the names
List of names
# |
Devanagari |
Roman script |
Meaning |
|---|---|---|---|
1 |
ॐ प्रकृत्यै नमः। |
Om Prakrityai Namah। |
जो स्वयं प्रकृति स्वरूपा हैं |
2 |
ॐ विकृत्यै नमः। |
Om Vikrityai Namah। |
जिन्हें हम विभिन्न नामों या रूपों से जानते हैं |
3 |
ॐ विद्यायै नमः। |
Om Vidyayai Namah। |
जो समस्त प्रकार की विद्याओं में विद्यमान हैं |
4 |
ॐ सर्वभूतहितप्रदायै नमः। |
Om Sarvabhutahitapradayai Namah। |
जो संसार के समस्त सुखों को प्रदान करती हैं |
5 |
ॐ श्रद्धायै नमः। |
Om Shraddhayai Namah। |
जिन्हें केवल सच्ची श्रद्धा द्वारा प्राप्त किया जा सकता है |
6 |
ॐ विभूत्यै नमः। |
Om Vibhutyai Namah। |
जो अपने भक्तों को धन-सम्पदा प्रदान करती हैं |
7 |
ॐ सुरभ्यै नमः। |
Om Surabhyai Namah। |
जो सर्वोच्च देवी हैं और त्रिमूर्ति भी जिनकी आराधना करते हैं |
8 |
ॐ परमात्मिकायै नमः। |
Om Paramatmikayai Namah। |
जो तीनों लोकों की आराध्य देवी हैं |
9 |
ॐ वाचे नमः। |
Om Vache Namah। |
जिनकी वाणी अमृत तुल्य है |
10 |
ॐ पद्मालयायै नमः। |
Om Padmalayayai Namah। |
जो कमल पुष्प के आसन पर विराजमान हैं |
11 |
ॐ पद्मायै नमः। |
Om Padmayai Namah। |
जो कमल वर्ण वाली हैं |
12 |
ॐ शुचये नमः। |
Om Shuchaye Namah। |
जो स्वयं पवित्र हैं |
13 |
ॐ स्वाहायै नमः। |
Om Svahayai Namah। |
जो स्वयं आहुतिस्वरूपा हैं |
14 |
ॐ स्वधायै नमः। |
Om Svadhayai Namah। |
जो स्वधा देवी के रूप में स्थित हैं |
15 |
ॐ सुधायै नमः। |
Om Sudhayai Namah। |
जो स्वयं अमृत के रूप में विद्यमान हैं |
16 |
ॐ धन्यायै नमः। |
Om Dhanyayai Namah। |
जो कृतज्ञता का मूर्त रूप हैं |
17 |
ॐ हिरण्मय्यै नमः। |
Om Hiranmayyai Namah। |
जिनकी आभा स्वर्ण के समान तेजपूर्ण है |
18 |
ॐ लक्ष्म्यै नमः। |
Om Lakshmyai Namah। |
जो धन-ऐश्वर्य प्रदान करती हैं |
19 |
ॐ नित्यपुष्टायै नमः। |
Om Nityapushtayai Namah। |
जो निरन्तर पुष्ट (शक्तिशाली) होती रहती हैं |
20 |
ॐ विभावर्यै नमः। |
Om Vibhavaryai Namah। |
जो अत्यन्त सुन्दर हैं एवं अनन्त तेज को धारण करने वाली हैं |
21 |
ॐ अदित्यै नमः। |
Om Adityai Namah। |
जिनकी कान्ति सूर्य के समान है |
22 |
ॐ दित्यै नमः। |
Om Dityai Namah। |
जो भक्तों की प्रार्थना का उत्तर हैं |
23 |
ॐ दीपायै नमः। |
Om Dipayai Namah। |
जिनका तेज सहस्र सूर्यों के समान है |
24 |
ॐ वसुधायै नमः। |
Om Vasudhayai Namah। |
जो भूमिदेवी के रूप में भक्तों का कल्याण करती हैं |
25 |
ॐ वसुधारिण्यै नमः। |
Om Vasudharinyai Namah। |
जो सम्पूर्ण पृथ्वी का भार धारण करती हैं |
26 |
ॐ कमलायै नमः। |
Om Kamalayai Namah। |
जो कमला पुष्प से प्रकट होने वाली देवी हैं |
27 |
ॐ कान्तायै नमः। |
Om Kantayai Namah। |
जो भगवान श्री विष्णु की अर्धांगिनी हैं |
28 |
ॐ कामाक्ष्यै नमः। |
Om Kamakshyai Namah। |
जिनके नेत्र अत्यधिक आकर्षक एवं दिव्य हैं |
29 |
ॐ क्षीरोधसम्भवायै नमः। |
Om Kshirodhasambhavayai Namah। |
जो भगवान विष्णु के साथ क्षीरसागर में निवास करती हैं |
30 |
ॐ अनुग्रहप्रदायै नमः। |
Om Anugrahapradayai Namah। |
जो नाना प्रकार के सुख प्रदान करती हैं |
31 |
ॐ बुद्धये नमः। |
Om Buddhaye Namah। |
जो स्वयं बुद्धिस्वरूपा हैं |
32 |
ॐ अनघायै नमः। |
Om Anaghayai Namah। |
जो निष्पाप हैं |
33 |
ॐ हरिवल्लभायै नमः। |
Om Harivallabhayai Namah। |
जो भगवान श्री हरि की धर्मपत्नी हैं |
34 |
ॐ अशोकायै नमः। |
Om Ashokayai Namah। |
जो दुःख का नाश करती हैं |
35 |
ॐ अमृतायै नमः। |
Om Amritayai Namah। |
जो अमृत का मूल तत्त्व हैं एवं जो सागरमन्थन से अमृत के साथ प्रकट हुई थीं |
36 |
ॐ दीप्तायै नमः। |
Om Diptayai Namah। |
जो सदैव दीप्तिमान रहती हैं |
37 |
ॐ लोकशोकविनाशिन्यै नमः। |
Om Lokashokavinashinyai Namah। |
जो समस्त सृष्टि की पीड़ा का शमन करती हैं |
38 |
ॐ धर्मनिलयायै नमः। |
Om Dharmanilayayai Namah। |
जो धर्म की स्थापना करने वाली हैं |
39 |
ॐ करुणायै नमः। |
Om Karunayai Namah। |
जो दया एवं करुणा का सागर हैं |
40 |
ॐ लोकमात्रे नमः। |
Om Lokamatre Namah। |
जो सम्पूर्ण जगत की माता हैं |
41 |
ॐ पद्मप्रियायै नमः। |
Om Padmapriyayai Namah। |
जिन्हें कमल पुष्प अति प्रिय हैं |
42 |
ॐ पद्महस्तायै नमः। |
Om Padmahastayai Namah। |
जिनके हाथ कमल पुष्प के समान हैं |
43 |
ॐ पद्माक्ष्यै नमः। |
Om Padmakshyai Namah। |
जिनके नेत्र कमल के समान हैं |
44 |
ॐ पद्मसुन्दर्यै नमः। |
Om Padmasundaryai Namah। |
जो कमल पुष्प की भाँति सुन्दर हैं |
45 |
ॐ पद्मोद्भवायै नमः। |
Om Padmodbhavayai Namah। |
जो कमल पुष्प से प्रकट होती हैं |
46 |
ॐ पद्ममुख्यै नमः। |
Om Padmamukhyai Namah। |
जिनका मुख कमल के समान है |
47 |
ॐ पद्मनाभप्रियायै नमः। |
Om Padmanabhapriyayai Namah। |
जो पद्मनाभ (भगवान विष्णु) की प्रियतमा हैं |
48 |
ॐ रमायै नमः। |
Om Ramayai Namah। |
जो भगवान विष्णु को प्रसन्न रखती हैं |
49 |
ॐ पद्ममालाधरायै नमः। |
Om Padmamaladharayai Namah। |
जो कमल पुष्पों की माला धारण करती हैं |
50 |
ॐ देव्यै नमः। |
Om Devyai Namah। |
जो सर्वशक्तिशाली हैं |
51 |
ॐ पद्मिन्यै नमः। |
Om Padminyai Namah। |
जो क्षीरसागर में कमल पुष्प से प्रकट होने वाली देवी हैं |
52 |
ॐ पद्मगन्धिन्यै नमः। |
Om Padmagandhinyai Namah। |
जिनकी कमल पुष्प के समान सुगन्ध है |
53 |
ॐ पुण्यगन्धायै नमः। |
Om Punyagandhayai Namah। |
जो दैवीय सुगन्ध वाली हैं |
54 |
ॐ सुप्रसन्नायै नमः। |
Om Suprasannayai Namah। |
जो सदैव प्रसन्न एवं आनन्दित रहने वाली हैं |
55 |
ॐ प्रसादाभिमुख्यै नमः। |
Om Prasadabhimukhyai Namah। |
जो सदैव भक्तों को वर प्रदान करने हेतु तत्पर हैं |
56 |
ॐ प्रभायै नमः। |
Om Prabhayai Namah। |
जिनकी कान्ति सहस्रों देदीप्यमान सूर्यों के समान है |
57 |
ॐ चन्द्रवदनायै नमः। |
Om Chandravadanayai Namah। |
जिनका मुखमण्डल चन्द्रमा के समान है |
58 |
ॐ चन्द्रायै नमः। |
Om Chandrayai Namah। |
जो चन्द्र की भाँति शान्त एवं शीतल हैं |
59 |
ॐ चन्द्रसहोदर्यै नमः। |
Om Chandrasahodaryai Namah। |
जो चन्द्रमा की बहन हैं |
60 |
ॐ चतुर्भुजायै नमः। |
Om Chaturbhujayai Namah। |
जो चार भुजाओं वाली हैं |
61 |
ॐ चन्द्ररूपायै नमः। |
Om Chandrarupayai Namah। |
जिनका चन्द्र के समान रूप है |
62 |
ॐ इन्दिरायै नमः। |
Om Indirayai Namah। |
जो क्षीरसागर में सूर्य के समान देदीप्यमान हैं |
63 |
ॐ इन्दुशीतलायै नमः। |
Om Indushitalayai Namah। |
जिनका स्वभाव चन्द्रमा के समान शान्त एवं शीतल है |
64 |
ॐ आह्लादजनन्यै नमः। |
Om Ahladajananyai Namah। |
जो समस्त सृष्टि को आह्लादित करने वाली हैं |
65 |
ॐ पुष्ट्यै नमः। |
Om Pushtyai Namah। |
जो भक्तों को स्वास्थ्य (आरोग्य) प्रदानकर पुष्ट रखती हैं |
66 |
ॐ शिवायै नमः। |
Om Shivayai Namah। |
जो अत्यधिक शुभ हैं |
67 |
ॐ शिवकर्यै नमः। |
Om Shivakaryai Namah। |
जो सबका मंगल करती हैं |
68 |
ॐ सत्यायै नमः। |
Om Satyayai Namah। |
जो परम सत्य हैं |
69 |
ॐ विमलायै नमः। |
Om Vimalayai Namah। |
जो अत्यन्त शुद्ध हैं |
70 |
ॐ विश्वजनन्यै नमः। |
Om Vishvajananyai Namah। |
जो सम्पूर्ण चराचर जगत की माता हैं |
71 |
ॐ तुष्ट्यै नमः। |
Om Tushtyai Namah। |
जो सांख्य दर्शन में कथित नौ तुष्टियों (चार आध्यात्मिक और पाँच बाह्य) की स्वामिनी हैं |
72 |
ॐ दारिद्र्यनाशिन्यै नमः। |
Om Daridryanashinyai Namah। |
जो दरिद्रता को नष्ट करने वाली हैं |
73 |
ॐ प्रीतिपुष्करिण्यै नमः। |
Om Pritipushkarinyai Namah। |
जिनके नेत्र सुख प्रदान करने वाले हैं |
74 |
ॐ शान्तायै नमः। |
Om Shantayai Namah। |
जो श्रुतिस्वरूपा हैं |
75 |
ॐ शुक्लमाल्याम्बरायै नमः। |
Om Shuklamalyambarayai Namah। |
जो श्वेत पुष्पों की माला एवं श्वेत वस्त्र धारण करने वाली हैं |
76 |
ॐ श्रियै नमः। |
Om Shriyai Namah। |
जो श्री (लक्ष्मी) एवं सौभाग्य प्रदान करती हैं |
77 |
ॐ भास्कर्यै नमः। |
Om Bhaskaryai Namah। |
जो तीनों लोकों को प्रकाशित करने वाली हैं |
78 |
ॐ बिल्वनिलयायै नमः। |
Om Bilvanilayayai Namah। |
जो बिल्ववृक्ष में निवास करती हैं |
79 |
ॐ वरारोहायै नमः। |
Om Vararohayai Namah। |
जो भक्तों को इच्छित वर प्रदान करने हेतु सदैव तत्पर हैं |
80 |
ॐ यशस्विन्यै नमः। |
Om Yashasvinyai Namah। |
जो सम्पूर्ण सृष्टि में सम्मानीय एवं पूजनीय हैं |
81 |
ॐ वसुन्धरायै नमः। |
Om Vasundharayai Namah। |
जो पृथ्वी की पुत्री हैं |
82 |
ॐ उदाराङ्गायै नमः। |
Om Udarangayai Namah। |
जो सुन्दर अंगों वाली हैं |
83 |
ॐ हरिण्यै नमः। |
Om Harinyai Namah। |
जो हिरण के समान सुन्दर एवं सौम्य हैं |
84 |
ॐ हेममालिन्यै नमः। |
Om Hemamalinyai Namah। |
जो स्वर्ण का हार धारण करती हैं |
85 |
ॐ धनधान्यकर्यै नमः। |
Om Dhanadhanyakaryai Namah। |
जो धन-धान्य प्रदान करती हैं |
86 |
ॐ सिद्धये नमः। |
Om Siddhaye Namah। |
जो नाना प्रकार की सिद्धि प्रदान करती हैं |
87 |
ॐ स्त्रैणसौम्यायै नमः। |
Om Strainasaumyayai Namah। |
जो मृदुस्वभाव वाली देवी हैं |
88 |
ॐ शुभप्रदायै नमः। |
Om Shubhapradayai Namah। |
जो शुभफल प्रदान करती हैं |
89 |
ॐ नृपवेश्मगतानन्दायै नमः। |
Om Nripaveshmagatanandayai Namah। |
जिन्हें राजसी महल में निवास करना प्रिय है |
90 |
ॐ वरलक्ष्म्यै नमः। |
Om Varalakshmyai Namah। |
जो सुख-सुविधा प्रदान करती हैं |
91 |
ॐ वसुप्रदायै नमः। |
Om Vasupradayai Namah। |
जो धन-सम्पदा प्रदान करती हैं |
92 |
ॐ शुभायै नमः। |
Om Shubhayai Namah। |
जो सफलता एवं सम्पन्नता प्रदान करती हैं |
93 |
ॐ हिरण्यप्राकारायै नमः। |
Om Hiranyaprakarayai Namah। |
जो स्वर्ण में निवास करती हैं |
94 |
ॐ समुद्रतनयायै नमः। |
Om Samudratanayayai Namah। |
जो क्षीरसागर की प्रिय पुत्री हैं |
95 |
ॐ जयायै नमः। |
Om Jayayai Namah। |
जो विजय की देवी हैं |
96 |
ॐ मङ्गलादेव्यै नमः। |
Om Mangaladevyai Namah। |
जो अत्यन्त शुभ हैं |
97 |
ॐ विष्णुवक्षस्स्थलस्थितायै नमः। |
Om Vishnuvakshassthalasthitayai Namah। |
जो भगवान श्री हरि विष्णु के हृदय में निवास करती हैं |
98 |
ॐ विष्णुपत्न्यै नमः। |
Om Vishnupatnyai Namah। |
जो भगवान विष्णु की धर्मपत्नी हैं |
99 |
ॐ प्रसन्नाक्ष्यै नमः। |
Om Prasannakshyai Namah। |
जिनकी दृष्टि प्रसन्नता से परिपूर्ण है |
100 |
ॐ नारायणसमाश्रितायै नमः। |
Om Narayanasamashritayai Namah। |
भगवान नारायण जिनके आश्रय हैं |
101 |
ॐ दारिद्र्यध्वंसिन्यै नमः। |
Om Daridryadhvamsinyai Namah। |
जो दुख-दारिद्र्य को नष्ट कर देती हैं |
102 |
ॐ देव्यै नमः। |
Om Devyai Namah। |
जो सर्वशक्तिशाली हैं |
103 |
ॐ सर्वोपद्रववारिण्यै नमः। |
Om Sarvopadravavarinyai Namah। |
जो समस्त प्रकार के उपद्रवों को शान्त करती हैं |
104 |
ॐ नवदुर्गायै नमः। |
Om Navadurgayai Namah। |
जो नवदुर्गा के नौ रूपों में स्थित हैं |
105 |
ॐ महाकाल्यै नमः। |
Om Mahakalyai Namah। |
जो स्वयं महाकाली-स्वरूपा हैं |
106 |
ॐ ब्रह्माविष्णुशिवात्मिकायै नमः। |
Om Brahmavishnushivatmikayai Namah। |
जो त्रिमूर्ति (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) की प्रिय हैं |
107 |
ॐ त्रिकालज्ञानसम्पन्नायै नमः। |
Om Trikalajnanasampannayai Namah। |
जिन्हें तीनों कालों (भूत, भविष्य, वर्तमान) का ज्ञान है |
108 |
ॐ भुवनेश्वर्यै नमः। |
Om Bhuvaneshvaryai Namah। |
जो 14 भुवनों की स्वामिनी हैं |